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हम दौड़कर चले आएंगे

जब तुम बुलाओगी हम दौड़कर चले आएंगे अपने इरादों का इजहार कर दो मुझे यकीन हो जाए कि प्यार करती हो


 चाहत की गलियों में मोहब्बत के फूल खिलने दो आपके वादों में इंतजार बहुत हो चुका है


अपने दिल के दर्द को पर्दे में छुपाकर रखते हैं जिस दिन करीब आकर भावनाओं से रूबरू हो जाओगी जिद करना छोड़ दोगी यह मेरा दावा है

मंजिल प्राप्ति के सफर में हमने बहुत अजब गजब के उतार-चढ़ाव देखे हैं कांटे भरी राहों को देखकर कभी विचलित नहीं हुआ आजकल अपनी सफलता से बहुत खुश रहता हूं

Shayari sangrah Gorakhpur

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हर खुशी का ख्याल रखा

हर खुशी का ख्याल रखा और अपनी जान से ज्यादा मोहब्बत किया मेरे वफा में क्या कमी रह गई जो मुझे छोड़कर जा रही हो अब इंतजार करना थोड़ा मुश्किल सा हो गया है तुम्हारी यादें मेरे दिल को बेचैन किए जा रही हैं  तुमसे न कोई शिकवा है न शिकायत है जिंदगी मौज मस्ती में कट रही है आपकी इनायत है