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Showing posts from June, 2019

हम दौड़कर चले आएंगे

जब तुम बुलाओगी हम दौड़कर चले आएंगे अपने इरादों का इजहार कर दो मुझे यकीन हो जाए कि प्यार करती हो  चाहत की गलियों में मोहब्बत के फूल खिलने दो आपके वादों में इंतजार बहुत हो चुका है अपने दिल के दर्द को पर्दे में छुपाकर रखते हैं जिस दिन करीब आकर भावनाओं से रूबरू हो जाओगी जिद करना छोड़ दोगी यह मेरा दावा है मंजिल प्राप्ति के सफर में हमने बहुत अजब गजब के उतार-चढ़ाव देखे हैं कांटे भरी राहों को देखकर कभी विचलित नहीं हुआ आजकल अपनी सफलता से बहुत खुश रहता हूं